Ring Topology

Ring Topology क्या है? लाभ, हानि व् सम्पूर्ण जानकारी

प्रिय पाठक क्या आप जानते हैं Ring Topology क्या होता है तथा यह किस उद्देश्य से नेटवर्क में इस्तेमाल की जाती है और इस टोपोलॉजी में किस प्रकार नेटवर्क का कार्य करना संभव होता है यदि आप इस सभी विषयों से परिचित नहीं हैं तो आइए मैं आपको इन सब की संपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराता हूँ ।

Ring Topology क्या है?

रिंग टोपोलॉजी एकमात्र ऐसा टोपोलॉजी है जो दूसरे टोपोलॉजी यानी बस टोपोलॉजी के दोनों अंत सिरे को जोड़ कर बनता है परंतु इसकी कार्य प्रक्रिया उससे अलग होती हैं।

Ring Topology नेटवर्क सबसे अलग टोपोलॉजी है क्योंकि इसमें एक कंप्यूटर डिवाइस डाटा साझा करने के लिए दो कंप्यूटर डिवाइस से कनेक्ट होता हैं तथा रिंग टोपोलॉजी में रिपीटर लगा होता है जिसके माध्यम से सूचनाओं को एक ही दिशा में भेजने की अनुमति होती है।

तथा रिंग टोपोलॉजी को डुअल टोपोलॉजी भी कहा जाता है क्योंकि इसमें लगे हुए नोड दो नेटवर्क कनेक्शन से जुड़े होते हैं इसका ज्यादातर इस्तेमाल कंप्यूटर में किया जाता है।
डुअल टोपोलॉजी में नेटवर्क कार्ड का उपयोग कंप्यूटर को कनेक्ट करने के लिए होता है इस दौरान यह coaxial केबल Rj45 नेटवर्क केबल का इस्तेमाल करते हैं।

रिंग टोपोलॉजी का इतिहास :

Ring Topology का निर्माण सन 1984 में IBM के द्वारा निर्मित किया गया था तथा अगर आप इसकी कार्य करने की तीव्रता की बात करे तो अब पहले से तीन गुना तीव्रता से कार्य करती है जो की 16 एमबीपीएस है जिसके कारण डाटा नेटवर्क कार्य की गति ज़्यादा हो गई है|

रिंग टोपोलॉजी के लाभ:

  • ‌‌टोपोलॉजी में एक सरवर मौजूद होता है जिसके माध्यम से स्टेशन के कनेक्टिविटी पर प्रक्रिया अनजर रखता है।
  • रिंग टोपोलॉजी समझने में आसान होता।
  • रिंग टोपोलॉजी में नेटवर्क के नुकसान के बिना दूसरे डिवाइस को जोड़ सकते है।
  • यह बेहद ही कम खर्चीला होता है।
  • रिंग टोपोलॉजी कि नेटवर्क गति तीव्र होती है।
  • पैकेट क्लैश होने का खतरा नहीं होता।
  • इसमें एक संदेश अलार्म होता है यदि स्टेशन को समय पर मैसेज नहीं पहुंचा है उस समय यह अलार्म अपनी प्रतिक्रिया करता है।

रिंग टोपोलॉजी के नुकसान:

  • एक स्टेशन की खराबी के कारण सभी स्टेशन प्रभावित होते हैं।
  • डिवाइस में छेड़खानी करने से पूरा रिंग टोपोलॉजी नेटवर्क प्रभावित होता है।
  • रिंग टोपोलॉजी का हब स्विच बहुत ही महंगा होता है।
  • इसमें वर्क स्टेशन एक-दूसरे से जुड़े होते जिससे एक उपकरण में कोई प्रक्रिया असंभव हैं।
  • नेटवर्क के दौरान नोड को ऐड करना आपके लिए समस्या उत्पन्न करता है।
  • नेटवर्क प्रक्रिया में इलेक्ट्रोनिक पावर ज़्यादा उपयोग होता है अन्य टोपोलॉजी की तुलना में।
  • इसमें डिवाइस एक दूसरे पर निर्भर होते जिससे रिंग टोपोलॉजी नेटवर्क सुरक्षित नहीं होता हैं।

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अंतिम शब्द:

आशा करता हूं मेरे द्वारा बताया गया यह कंटेंट आपको Ring Topology से भली भांति परिचित कराता है तथा रिंग टोपोलॉजी की उस मेहता को प्रदर्शित करता है जब नेटवर्क का इस्तेमाल कई क्षेत्र में किया जाता है।
धन्यवाद।

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