आग

आग (Fire) क्या है? आग कितने प्रकार के होते है, सम्पूर्ण जानकारी

क्या आप जानते हैं आग(Fire) क्या है ?

और आग कितने प्रकार की होती है आग के नुकसान तथा लाभ अपने-अपने क्षेत्र में किस प्रकार होते हैं।

यदि नहीं तो आइए इस आर्टिकल के माध्यम से मैं आपको आग से परिचित कराता हूँ किस तरह से आग का इस्तेमाल करना चाहिए और किस प्रकार की आग आपको हानि पहुँचा सकती है इन सभी विषयों पर हम विस्तार से चर्चा करेंगे।

आग (Fire) क्या है?

आग एक जलन सील पदार्थ है जिसके दहन होने पर हम प्रकाश, ऊष्मा अधिक लॉप वाले उत्पाद को देख पाते हैं जिनका स्पर्श हमारे लिए कई क्षेत्र में खतरनाक हो सकता है।

यह दहन होने पर कई पदार्थ को जन्म देती है जैसे भाप के रूप में जल और कार्बन डाइऑक्साइड जैसे पदार्थ आग के माध्यम से अपना वातावरण में एक स्थान प्राप्त करते हैं।

अग्नि वह पदार्थ है जो मजबूत एवं नाजुक से नाजुक किसी भी चीज को क्षतिग्रस्त कर सकती हैं अगर वह आग के संपर्क में आ जाए तो इसी तरह के पदार्थ को आग कहते हैं।

रासायनिक सूत्र आग का क्या है ?

आग लगने के संदर्भ में सिर्फ इंधन+ऑक्सीजन का संपर्क आग उत्पन्न कर सकता है जो कार्बन डाइऑक्साइड और एवं जल के रूप में उत्पाद बनाते हैं। इसका रासयनिक सूत्र -H2O है।

आग के प्रकार:

चार भागों में आग को वर्गीकृत किया गया है जो निम्न हैं-

  1. किसी भी पदार्थ के दहन होने पर अवशेष उत्पन्न होना उदाहरण के लिए- कोयला,कागज, कपड़ा आदि हो सकते हैं जिनके दहन से हमें अवशेष प्राप्त होता है। इस आग को पानी और CO2 एक्सटीगाइजर से बुझाना संभव होता है।
  2. दूसरे नंबर पर आग वह होती है जो तरल पदार्थ के माध्यम से उत्पन्न होती है जिसके जलने से किसी भी प्रकार का अवशेष उत्पन्न नहीं होता।
  3. रासायनिक आग जो किसी भी प्रकार के शार्ट सर्किट से उत्पन्न होती है यह भी बायर के माध्यम से हमें अवशेष प्रदान करती है इसे बुझाने के लिए CO2 एक्सटीगाइजर का उपयोग कर बुझाया जाता है
  4. चौथे नंबर पर यह आग धातु में लगने पर उत्पन्न होती है जैसे लोहा, तांबा पीतल इत्यादि इस डीसीपी सीओ-2 एक्सटीगाइजर की सहायता से बुझाया जाता है।

आग का इतिहास :

अगर हम आग के इतिहास को उठाकर देखते हैं तो पूर्व काल में मानव को आग से संबंधित किसी भी तरह का ज्ञान नहीं था।

परंतु समय के साथ-साथ मानव पत्थरों तथा औजारों के माध्यम से आग से परिचित हुआ जिनको वे आपस में रगड़ कर आग को उत्पन्न किया करते और आग का उपयोग कर वे खुद को जंगली जानवरों और मौसम के अनुसार अपना बचाव विभिन्न प्रकार से करते थे।

आग का आविष्कारक कौन था?

आग का अविष्कार करने का श्रेय मानव प्रजाति को जाता है क्योंकि आदिमानव द्वारा सर्द मौसम और बर्फीले क्षेत्रों जैसे,पहाड़ियों, राजस्थान जैसे राज्य में रात की सर्द हवाओं से खुद को बचाने के लिए आग इस्तेमाल करना शुरू किया।

जिस कारण आग आविष्कार करने का श्रेय मानव जाति को जाता है यह वजह है कि हम आज भी निम्न प्रकार के कार्य को पूर्ण करने के लिए आग का इस्तेमाल करते हैं और आग जीवन जीने की श्रेणी में भी आता है।

आग का उपयोग :

जैसा कि हम जानते हैं आग का इस्तेमाल हम कई क्षेत्र में करते हैं जिनका नीचे बिंदुओं में वर्णन है-

  • खाना बनाने के लिए।
  • धातु के औजार बनाने में मददगार।
  • बिल्डिंग करने में सहायक।
  • सर्द मौसम में कई प्रकार से उपयोग जैसे शरीर में गर्माहट लाने के लिए, पानी गरम करना आदि में उपयोग किया जाता है।
  • पूजा करने में जैसे- दिव्य जवान।
  • शव को अंतिम विदाई देने में भी आग का इस्तेमाल होता हैं।
  • जंगली जानवरों से बचाव के लिए आग का इस्तेमाल।

आग लगने के कारण:

  • वाहन में इंजन ज्यादा गर्म होने पर आग लग सकती हैं।
  • बड़े-बड़े खंभों में शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगती है।
  • नशीले पदार्थ जैसे- धूम्रपान करते वक्त सावधानी न बरतने पर।
  • ज्वलनशील पदार्थ का सही से ध्यान रखरखाव न होने पर।
  • बिजली विभाग द्वारा असावधानी बरतने पर आग लग सकती है।
  • खाना बनाते वक्त एलपीजी गैस को बंद करना भूल जाना।
  • गरम तेल में बिना ढक्कन के चौक लगाना यह भी आग लगने का महत्वपूर्ण कारण होता है।
  • जलन सील पदार्थ का हिट संपर्क मिलने से आग लग जाती हैं।

आग लगने पर क्या करें ?

आग (Fire) लगने पर हमें कई सारी सावधानी बरतनी चाहिए जैसे-

  1. इस दौरान पीड़िता को मोटे चादर या कंबल से ढक दे।
  2. आग (Fire) से संपर्क आई हुई बॉडी को पानी के संपर्क से बचाए।
  3. किसी स्थान पर आग लगने के दौरान भागा दौड़ी ना करें क्योंकि यह करने से जान माल की हानि होती है।
  4. आग लगने पर सर्वप्रथम अपने शरीर के ऊपर वाले गुस्से को मजबूत चीज से ढक ले।
  5. दुर्घटना के दौरान व्यक्ति को दिमाग से काम लेना चाहिए और नजदीक अग्निशामक यंत्र का उपयोग करें।
  6. आग (Fire) लगने पर मैदानी इलाके में जाए।

आग कैसे बुझाए:

  • यदि घरों में आग लगती है तो बुझाने के लिए उसके आसपास तरल पदार्थ जैसे पानी, कीचड़, बालू, कंबल का इस्तेमाल करें।
  • जलती हुई आग में ड्राई पाउडर छिड़क कर आग पर नियंत्रण पाया जा सकता है।
  • बुझाने में इस्तेमाल होने वाली गैसों का छिड़काव करके आग पर नियंत्रण पा सकते हैं।
  • आग लगने पर बिजली से संबंधित सभी उपकरण को बंद कर दें और खिड़की दरवाजे खुले ना छोड़े जिससे ऑक्सीजन के संपर्क टूटने पर आग पर नियंत्रण पाया जा सकता है।

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अंतिम शब्द :

आशा करता हूँ की मेरे द्वारा आग (Fire) पर लिखा गया आर्टिकल आपको बहुत कुछ आग के बारे में सिखाता है तथा आपको आग के सामान्य ज्ञान से परिचित कराता है जिस वजह से आप आग के महत्व को समझ पाए होंगे।

धन्यवाद।

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